MY CONTRACT WIFE EP - 2

Episode Title - पहली मुलाकात

आरव को अपनी नज़रों पर यकीन नहीं हो रहा था। लेकिन सच यही था

कि ये वही लड़की है जिसे आरव ने ट्रैफिक सिग्नल के पास देखा था।

"चल, जल्दी चल..!"- इससे पहले कि आरव उससे कुछ सवाल-जवाब

कर पाता, वहाँ मौजूद दूसरी लड़की ने उसका हाँथ पकड़ के उसे आगे

की तरफ खींचते हुए कहा ।

कुछ ही देर में वो लड़की स्टेज पर जा कर नाचने लगी। ड्रिंक करते वक़्त

बीच बीच मे आरव अपनी नजरों को उसकी तरफ जाने से नहीं रोक

पा रहा था। कुछ देर बाद एक लड़का उस लड़की के साथ नाचने लगा।

आरव ने बेफिक्री से अपना मुँह दूसरी तरफ फेर लिया।

नाचते हुए उस लड़के ने मौका पाकर अपना हाथ उस लड़की के कमर

पर रख दिया। वो लड़की चौंक उठी और उसने अपने कदम पीछे खींच

लिए। पीछे होते ही वो वेटर से टकराई और फिर वहाँ कुछ टूटने-फूटने

की तेज आवाज गूँज उठी। इसके साथ ही म्यूजिक भी तुरन्त बन्द हो

गया।

सबकी नजर डान्स फ्लोर की तरफ थी वहाँ पर चारों तरफ वाइन की

कुछ टूटी हुई बोतले और टूटे हुए काँच के ग्लास पड़े हुए थे और साइड

में, वो ही ट्रैफिक लाइट वाली लड़की गिरी पड़ी थी।

इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता बार मैनेजर ने जाकर बड़ी बेरहमी

से उस लड़की के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया और फिर

अगले ही पल उसका हाथ पकड़कर खींचते हुए कहा, "अभी पहले ही

दिन आयी है और आज ही इतना नुकसान कर दिया....! जितनी तेरी

पगार नही उससे ज्यादा का तो नुकसान कर दिया तूने...! चल निकल

यहाँ से...! बाहर चल...!!"

अभी बार-मैनेजर उसे लेकर बार के गेट की तरफ़ बढ़ ही रहा था कि

उसके ठीक सामने आरव आकर खड़ा हो गया।

"कितने पैसे हुए तेरे...??"- आरव ने अपनी भौंहे टेढ़ी करते हुए सवाल किया।

"मतलब..???"

"मतलब...! कितने.... पैसे...हुए...?? बोल...! और हाथ छोड़

उसका...!"- आरव ने सख्त लहजे में सवाल किया।

"12 हज़ार ...!"- बार मैनेजर ने लड़की का हाथ छोड़ते हुए जवाब

दिया।

"जाओ तुम...!"- आरव ने उस लड़की की ओर देखते हुए कहा और

फिर उसने अपना कॉर्ड निकालकर बार अटेंडेंट को थमाते हुए पेमेंट

करने के लिए का इशारा किया। सारे लोग बड़ी हैरत भरी नजरों से

आरव की तरफ देख रहे थे। किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि

आखिर इस शख्स का उस लड़की के साथ क्या रिश्ता है..? और वो क्यों

उसकी गलती की भरपाई कर रहा है..?

थोड़ी ही देर में अटेंडेंट ने आकर आरव को कॉर्ड वापस कर दिया। आरव

ने कॉर्ड अपने वॉलेट में रखने के बाद, बार मैनेजर के गाल पर एक

जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।

"अब हिसाब बराबर ....!! और सुन एक चीज़ हमेशा याद रखना किसी

की मजबूरी का फ़ायदा मत उठाना

"

-

इतना कहकर आरव वहाँ से

तुरन्त बाहर निकल गया। अब तक रात के तकरीबन 11 बज चुके थे।

आरव बाहर पार्किंग एरिया में पहुँचकर अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ने

लगा।

"थैंक यू...!!!"- अभी आरव अपनी गाड़ी के करीब ही पहुँचा था कि

उसके सामने वो लड़की आकर खड़ी हो गयी।

"थैंक यू ? किस बात के लिए ? चुपचाप थप्पड़ खा लेने के लिए ? तुम

लड़कियों को ऐसा क्यों लगता है कि हर बार एन्ड टाइम पर तुम्हे कोई

हीरो बचाने आएगा ? गलती कर दी मैंने मदद कर के। ....!!!"- आरव

ने चिढ़ते हुए कहा ।

वह लड़की आरव का यह रूप देख कर दंग रह गयी थी। कुछ पल पहले

उसकी मदद करने वाला आदमी अब पूरी तरह से बदल गया था।

इसी बीच, अचानक आरव के हाथ से गाड़ी की चाभी छूटकर जमीन पर

गिर गयी।

फिर उस लड़की ने तुरन्त ही चाभी उठाकर आरव के हाथ पर रखते हुए

कहा, "ये... ये लीजिए...! हम चलते हैं...!!"

वह लड़की धीरे-धीरे रास्ते पर आगे बढ़ने लगी। काफी रात हो चुकी थी,

उसे टैक्सी नहीं मिल रही थी। आरव कार स्टार्ट कर के आगे बढ़ा ही

था की तभी २-३ बाइक पर सवार कुछ लड़के उस लड़की को अजीब

परेशान करने के लिए ज़ोर से गाना गाते हुए उसके आस पास मंडराने

लगे।

उस लड़की को कुछ समझ में नहीं आया और वह एक दम से आरव की

कार के सामने आ कर खड़ी हो गयी। आरव ने एक दम से कार में ब्रेक

लगा दिए। वह लड़की जल्दी से जा कर कार में आरव के बगल में बैठ

गयी। आरव ने चुपचाप कार आगे बढ़ा दी।

कुछ देर तक गाड़ी में यूँ ही सन्नाटा पसरा रहा। वो लड़की चुपचाप अपना

सिर नीचे कर के बैठी हुई थी। आरव भी चुपचाप गाड़ी ड्राइव कर रहा

था। बीच-बीच मे वो तिरछी नजरों से उस लड़की की तरफ देखे जा रहा

था।

नीले रंग की शार्ट ड्रेस में वो लड़की शायद काफी अनकम्फर्टेबल फील

कर रही थी। वो बार-बार अपने हाथों से अपनी ड्रेस नीचे खींचते हुए पैरों

को छुपाने की नाकाम सी कोशिश कर रही थी।

"खींचने से कपड़े बड़े नहीं हो जायेंगे। इतनी ही दिक्कत थी तो ऐसे

कपड़े पहने ही क्यों ? ...?"- आरव ने चिढ़ते हुए हुए कहा ।

"आप जिन्दगी मे सब कुछ अपने मन से करते हैं क्या..?" - उस लड़की

ने आरव की ओर एक नजर देखते हुए सवाल किया। और फिर वो

सामने रोड की तरफ देखने लगी।

"आ...आ....!हूँ ..!"- आरव ने अपना सिर हिलाते हुए कहा। असल में

आरव के पास कोई जवाब नहीं था। वो चुपचाप सामने रोड की तरफ

देखते हुए गाड़ी ड्राइव करने लग गया।

आरव को कुछ समझ में नहीं आ रहा था की आखिर अब उससे आगे

क्या बोले..? लगातार उसके मन मे उस लड़की की कही हुई आख़िरी

बात गूँज रही थी।

"यही...! उतरना है हमें...!!"

"हाँ...? अच्छा....!!"- आरव ने तुरन्त ही गाड़ी का ब्रेक लगा दिया।

"एक मिनट...! मैं आरव सिंघ मेवाड़। और तुम ?"- आरव ने उसे

रुकने का इशारा किया और फिर उसकी तरफ देखने लगा। वह लड़की

चुपचाप गाड़ी से उतर गयी और फिर धीरे से बोली, "मैं रागिनी । .. '

और वो मुड़कर पीछे की तरफ़ चली गयी।

"

कार के साइड वाले मिरर से आरव उसे जाते हुए तब तक देखता रहा

जब तक कि वो उसकी नजरो से ओझल नहीं हो गयी। उसने देखा कि

रागिनी सड़क के किनारे पर एक सँकरी सी गली में चलती चली जा रही

थी। वो शायद इधर के ही स्लम एरिया में रहती थी।

उसके चले जाने के बाद, आरव गाड़ी की स्टेयरिंग को यू टर्न घुमाते हुए,

घर की तरफ जाने के लिए मुड़ गया। अभी वो घर पहुँचने ही वाला था

कि, अचानक से उसकी नजर बगल सीट पर पड़ी।

वहाँ पर एक झुमका गिरा हुआ था। आरव ने तुरन्त अन्दाजा लगा लिया

की ये झुमका रागिनी का ही है जो शायद ढीला होकर उसके कान से

गिर गया था।

आरव ने मुस्कुराते हुए उसे उठाकर अपनी जेब में डाल लिया। आरव

अब अपने घर पहुँच चुका था।

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